भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के विंटर सेशन में आज माहौल तब गर्म हो गया जब बीजेपी विधायक ने रतलाम के एक निजी स्कूल के टॉयलेट में लगे CCTV कैमरों का गंभीर मुद्दा उठाया। विधायक ने बताया कि रतलाम के इसी स्कूल में एक छात्र ने तीसरी मंज़िल से कूदकर जान देने की कोशिश की थी, और एक अन्य स्कूल में रेप की घटना भी सामने आ चुकी है। इन मामलों ने पूरे सदन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
ध्यानाकर्षण पर जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिस निजी स्कूल में कैमरे लगाए गए थे, उसके प्रिंसिपल के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है। साथ ही स्कूल प्रबंधन ने प्राचार्य को निलंबित कर दिया है। 3 दिसंबर को स्कूल के खिलाफ निलंबन हेतु कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया गया है।
विधायक ने आरोप लगाया कि कई निजी स्कूल बच्चों और अभिभावकों को प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि CBSE स्कूलों पर राज्य सरकार का नियंत्रण बहुत सीमित है और DEO अधिकारी भी CBSE स्कूलों को तवज्जो नहीं देते।
इस पर शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि CBSE स्कूलों को मान्यता राज्य सरकार की तरफ से जारी NOC के आधार पर मिलती है। अगर किसी भी स्कूल के खिलाफ शिकायत मिलती है, तो सरकार उसका NOC तुरंत वापस ले सकती है। मंत्री ने यह भी कहा कि बच्चों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों में विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे, खासकर मोबाइल फोन के दुरुपयोग को लेकर।
सदन में उठे इस मुद्दे ने एक बार फिर साफ किया है कि स्कूलों में सुरक्षा को लेकर सरकार अब सख्त रुख अपनाने वाली है।

