ग्वालियर। राज्यसभा में आज एक गंभीर मुद्दा गूंजा—VIT यूनिवर्सिटी भोपाल कैंपस में नवंबर महीने में हुई खाद्य और जल जनित बीमारी की घटना अब संसद तक पहुंच गई है। सांसद अशोक सिंह ने सदन में जोरदार तरीके से कहा कि दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन की वजह से एक साथ हजारों छात्र बीमार पड़ जाना सिर्फ एक यूनिवर्सिटी की नहीं, बल्कि देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में फूड सेफ्टी की गिरती स्थिति की एक खतरनाक चेतावनी है।
सांसद अशोक सिंह ने सरकार से मांग की कि इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी शैक्षणिक संस्थानों में खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों पर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति लागू की जाए, ताकि ऐसी घटनाएं फिर कभी न हों। उन्होंने कहा कि यह हमारे संस्थागत ढांचे की चौंकाने वाली विफलता है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
गौरतलब है कि VIT भोपाल कैंपस में पिछले महीने खराब गुणवत्ता का खाना और दूषित पानी परोसे जाने से सैकड़ों-हजारों छात्र अचानक बीमार हो गए थे। कई छात्रों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा और यह मामला सोशल मीडिया से लेकर राष्ट्रीय मीडिया तक लगातार चर्चा में रहा। राज्यसभा में यह मुद्दा उठने के बाद एक बार फिर देश के प्राइवेट विश्वविद्यालयों की मेस, कैंटीन और हॉस्टल की साफ-सफाई और गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

