मध्य प्रदेश से नक्सल मोर्चे पर अब तक की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। बालाघाट में पहली बार केबी डिवीजन के 10 नक्सली आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं। इनमें कुख्यात नक्सली लीडर कबीर भी शामिल है, जिस पर एमसीसी जोन में 77 लाख का भारी इनाम घोषित है। उसके साथ 4 महिला और 6 पुरुष नक्सली भी हथियार डालेंगे। यह घटना एमपी के इतिहास का सबसे बड़ा नक्सली सरेंडर माना जा रहा है।
आज दोपहर तीन बजे बालाघाट पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में इन सभी नक्सलियों का औपचारिक समर्पण होगा। यह कदम राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान का हिस्सा है। केंद्र की मोदी सरकार पहले ही नक्सलियों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति लागू कर चुकी है और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कर दिया है कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त कर दिया जाएगा।
इसी लक्ष्य के साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कई बार यह बात दोहरा चुके हैं कि 2026 तक एमपी को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाना है। नक्सलियों के पास दो ही विकल्प हैं—या तो सरेंडर कर मुख्यधारा में लौट आएं, या सुरक्षा बल उन्हें पूरी तरह नेस्तनाबूद कर देंगे। आज का यह ऐतिहासिक सरेंडर उसी दिशा में एक बड़ी जीत माना जा रहा है।

