ओंकारेश्वर। ओंकारेश्वर की आध्यात्मिक ऊर्जा से भरी भूमि पर आज से 40वां अद्वैत जागरण युवा शिविर शुरू हो गया है। आदि शंकराचार्य की संन्यास और ज्ञानभूमि माने जाने वाले इस पवित्र स्थल पर आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास और संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा हर साल आयोजित होने वाला यह राष्ट्रीय शिविर इस बार 14 दिसंबर तक चलेगा। देश के 15 से अधिक राज्यों से आए कुल 46 युवा इस अद्वैत साधना यात्रा में शामिल हुए हैं, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक उत्साह से भर उठा है।
शिविर का शुभारंभ चिन्मय मिशन इंदौर के आचार्य स्वामी प्रबुद्धानंद सरस्वती की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। जैसे ही वेदों और मंत्रों की मधुर ध्वनियां गूंजी, ओंकारेश्वर की भूमि पर एक दिव्य और अद्भुत माहौल बन गया, जहां अध्यात्म और ऊर्जा का अनोखा संगम देखने को मिला।
अगले 10 दिनों तक यह युवा समूह स्वामी प्रबुद्धानंद सरस्वती के मार्गदर्शन में आदि शंकराचार्य द्वारा रचित महान ग्रंथ ‘तत्त्वबोध’ का गहन अध्ययन और मनन करेगा। शिविर की दिनचर्या में रोजाना योग, ध्यान, समूह चर्चा, प्रश्नोत्तर, नर्मदाष्टकं, सत्संग और संकीर्तन जैसे कार्यक्रम शामिल हैं, जो युवाओं को अद्वैत दर्शन की गहराई से परिचित कराएंगे।

