आधार–सिम के नाम पर डिजिटल अरेस्ट का खौफनाक खेल, 74 साल के बुजुर्ग को डेढ़ घंटे कमरे में कैद कर दिया ठग ने

छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने 74 साल के बुजुर्ग को डेढ़ घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर दिया। विवेकानंद कॉलोनी में रहने वाले किशोर भास्करराव ढोक को ठगों ने आधार कार्ड और सिम के जरिए धोखाधड़ी की फर्जी शिकायत का झांसा देकर अपने जाल में फंसा लिया। व्हाट्सएप कॉल पर खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले ठग ने उन्हें कहा कि वे अब “डिजिटल अरेस्ट” में हैं और कमरे से बाहर नहीं जा सकते।

बुजुर्ग इतने डर गए कि जब असली पुलिस उनके घर पहुंची, तब भी उन्होंने दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया। ठगों ने उन्हें यकीन दिला दिया था कि बाहर खड़ी पुलिस नकली है और अगर दरवाजा खोला तो मुश्किल में पड़ जाएंगे। बुजुर्ग की पत्नी ने पड़ोसियों को जानकारी दी, जिसके बाद पड़ोसी ने कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे को सूचित किया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो बुजुर्ग लगातार कह रहे थे कि वे अरेस्ट हो चुके हैं। काफी समझाइश और भरोसा दिलाने के बाद पुलिस ने दरवाजा खुलवाया और उन्हें शांत कराया।

पीड़ित बुजुर्ग ने बताया कि सुबह करीब 11:30 बजे दिल्ली टेलीकॉम ऑफिस के नाम पर आए कॉल से यह सब शुरू हुआ था। फर्जी टीआई ने उनका आधार नंबर, एफआईआर और कई दस्तावेज दिखाकर उन्हें डरा दिया था। पुलिस अब कॉल नंबर और ठगों की लोकेशन की जांच कर रही है। समय पर पुलिस पहुंच जाती, वरना बुजुर्ग बड़ी ठगी का शिकार बन सकते थे।

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