भोपाल में सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार का भूमिपूजन, सीएम डॉ मोहन यादव ने दी विकास की नई दिशा

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार के विकास और सेवा के दो साल पूरे होने पर भोपाल में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया. भोपाल–इंदौर–उज्जैन रूट पर सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार का भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने किया. करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भव्य प्रवेश द्वार 24.4 फीट ऊंचा होगा, जिसके शीर्ष पर सिंहासन पर विराजमान सम्राट विक्रमादित्य की प्रतिमा स्थापित की जाएगी. फंदा क्षेत्र में सिक्स लेन सड़क पर तीन पिलरों पर बनने वाला यह द्वार भारतीय कला और संस्कृति का भव्य प्रतीक होगा.

भोपाल के प्रवेश मार्ग अब महापुरुषों की पहचान बनेंगे
इस प्रवेश द्वार की कुल चौड़ाई 30 मीटर होगी, जिसमें 5 मीटर का सेंट्रल वर्ज हरियाली से सजा होगा. बीच के पिलर पर सम्राट विक्रमादित्य की भव्य प्रतिमा होगी, जबकि दोनों ओर के पिलरों पर हाथों की प्रतिमाएं लगाई जाएंगी और उनके बीच आकर्षक झालर दिखाई देगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि भोपाल के सभी प्रमुख प्रवेश मार्ग सम्राट अशोक, राजा भोज और सम्राट विक्रमादित्य जैसे महापुरुषों के नाम से पहचाने जाएंगे. इससे पहले सीएम डॉ मोहन यादव समरधा में राज भोज–नर्मदा द्वार का भूमिपूजन भी कर चुके हैं.

सम्राट विक्रमादित्य पर बोले सीएम, दुनिया में कोई वीर नहीं
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है. दो हजार साल पहले ऐसे अद्वितीय राजा हुए, जिन्होंने तलवार के बल पर आक्रांताओं को भारत से बाहर खदेड़ा. सम्राट विक्रमादित्य ऐसे शूरवीर थे जिनकी वीरता की गूंज रोम तक सुनाई देती थी. उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य के जीवन में जनता भगवान थी और देशभक्ति ही उनका प्राण थी. पड़ोसी देशों ने भी उनके यश को सोने की पत्तर पर अंकित किया. सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भी विक्रमादित्य ने ही करवाया था. पूरी दुनिया में उनके जैसा कोई शूरवीर नहीं हुआ.

हमारा इतिहास गौरवशाली, भोपाल राजा भोज की धरती
मुख्यमंत्री ने जय श्रीराम के नारों के बीच कहा कि हम सनातन संस्कारों से जुड़े लोग हैं और हमारा इतिहास अत्यंत गौरवशाली है. भोपाल राजा भोज की धरती है और यहां की धरोहर बड़े तालाब का गहरीकरण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सौभाग्यशाली है, जहां भगवान राम ने 11 वर्ष बिताए और अवंतिका में शिक्षा ग्रहण की. प्रदेश में हर महीने उत्सव मनाए जा रहे हैं और जनकल्याण की योजनाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं.

कांग्रेस पर निशाना और सामाजिक संदेश
सीएम डॉ मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें जनता की खुशहाली रास नहीं आती. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को चुनाव के समय जवाब मिलेगा. साथ ही मुख्यमंत्री ने सामाजिक संदेश देते हुए कहा कि मौत, गम या शादी में फिजूलखर्ची न करें. जमीन और संपत्ति को बचाकर रखें, सामूहिक विवाह को अपनाएं और अनावश्यक दिखावे से दूर रहें. उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद अपने बच्चों की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन से की है.

ग्राम फंदा का नाम बदला, विक्रमादित्य कॉलेज की घोषणा
इस कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा की मांग पर बड़ा फैसला लिया गया. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ग्राम फंदा का नाम अब हरिहर होगा. इसके साथ ही फंदा में बनने वाले नए कॉलेज का नाम सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर रखा जाएगा. सीएम ने किसानों से अपील की कि परिवार को मजबूत बनाएं, बचत करें और भविष्य को सुरक्षित रखें.

भोपाल बनेगा मेट्रोपॉलिटन सिटी, विकास का नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल तेजी से बदल रहा है और आने वाले समय में यह मेट्रोपॉलिटन सिटी बनेगा. रायसेन, सीहोर और भोपाल समेत आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि दो साल में सरकार ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और अब तीसरे साल के पहले दिन नए संकल्पों के साथ विकास की रफ्तार और तेज होगी.

विधानसभा का विशेष सत्र और विकसित मध्यप्रदेश का विजन
मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 तारीख को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा. इस सत्र में प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प के तहत अगले 25 वर्षों में मध्यप्रदेश को कैसे आगे बढ़ाया जाए, इसकी रूपरेखा रखी जाएगी. उन्होंने कहा कि यह विशेष सत्र मध्यप्रदेश की एक सुखद और सशक्त तस्वीर बनाने की दिशा में अहम कदम होगा.

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