ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक शादी उस वक्त तमाशा बन गई, जब धूमधाम से पहुंची बारात को बिना दुल्हन के लौटना पड़ा। वरमाला हुई, फोटो सेशन हुआ, बारातियों ने खाना भी खाया, लेकिन जैसे ही फेरे शुरू होने का समय आया, दुल्हन मंडप से गायब हो गई। दुल्हन के पिता ने शादी से इनकार करते हुए दूल्हे को पैरों से दिव्यांग बताकर बारात वापस लौटा दी।
मामला जनकगंज थाना क्षेत्र का है, जहां दूल्हे प्रशांत कुशवाह और उनके पिता लोटन कुशवाह ने पुलिस को शिकायत दी है। दूल्हे पक्ष के अनुसार बेलदार का पुरा निवासी धर्मजीत कोठारी कुशवाह की बेटी रितु से 11 दिसंबर को शादी तय थी। तय समय पर प्रशांत बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचा, जहां पूरे रीति-रिवाज के साथ वरमाला हुई और सभी रस्में निभाई गईं, लेकिन फेरे से ठीक पहले दुल्हन को मंडप में लाने से उसके परिजनों ने साफ इनकार कर दिया।
दूल्हे के परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने कारण पूछा तो दुल्हन पक्ष ने कहा कि दूल्हा पैरों से दिव्यांग है और इसी वजह से शादी नहीं होगी। दूल्हे के पिता ने इसका विरोध किया और कहा कि उनका बेटा दिव्यांग नहीं है, फिर भी दुल्हन पक्ष अपनी बात पर अड़ा रहा और 10 लाख रुपए की मांग करने लगा। आरोप है कि बारातियों को घेर लिया गया और दबाव बनाया गया, जिसके बाद दूल्हा पक्ष ने किसी तरह 9 लाख रुपए जुटाकर दे दिए और लेनदेन का पंचनामा भी बनाया गया।
इसके बावजूद दुल्हन पक्ष शादी से मुकर गया और बारात को बिना दुल्हन के लौटना पड़ा। दूल्हा पक्ष का यह भी आरोप है कि शादी में मौजूद फोटोग्राफर को बंधक बनाकर फोटो और वीडियो डिलीट करने की धमकी दी गई। अपमान और ठगी से आहत दूल्हे के पिता ने थाने पहुंचकर दुल्हन और उसके पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है।

