मनरेगा नाम परिवर्तन पर विधानसभा में सियासी संग्राम, कांग्रेस का जोरदार विरोध

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा ने आज अपने गठन के 69 वर्ष पूरे कर लिए और इसी अवसर पर 17 दिसंबर को एक दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन किया गया, क्योंकि ठीक 69 साल पहले 17 दिसंबर 1956 को विधानसभा की पहली बैठक हुई थी।

इस खास मौके पर सदन का माहौल उस वक्त गर्मा गया जब मनरेगा योजना का नाम बदले जाने के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर अपना विरोध दर्ज कराया।

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आरोप लगाया कि बीजेपी महात्मा गांधी का अपमान कर रही है और कहा कि अगर राम जी के नाम पर कोई नई योजना लाई जाती तो वे उसका स्वागत करते, लेकिन महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी योजना का नाम बदलना गलत है और इससे बीजेपी की मानसिकता उजागर होती है।

कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार किया और कहा कि कांग्रेस को राम से एलर्जी है, इसलिए वह विरोध कर रही है, और जो राम से विरोध रखेगा उसका अंत तय है।

रामेश्वर शर्मा ने कहा कि बीजेपी महात्मा गांधी के विचारों और कार्यों पर चल रही है, जबकि कांग्रेस केवल गांधी के नाम पर सत्ता में आई लेकिन गरीबों के लिए कुछ नहीं कर सकी। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही गांधी के रामराज्य के सपने को जमीन पर उतारने का काम किया है।

उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, गरीबों के लिए पक्के मकान, आयुष्मान कार्ड के जरिए मुफ्त इलाज और किसानों के सम्मान जैसे फैसले गांधी जी की सोच के अनुरूप हैं और यही सबका साथ, सबका विकास की भाजपा सरकार की नीति है।

रामेश्वर शर्मा ने यह भी कहा कि मनरेगा में मनमोहन सिंह सरकार के समय भ्रष्टाचार हुआ था, जबकि अब इस योजना के जरिए ग्रामीण विकास को नई दिशा दी जाएगी।

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