छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में हुए कफ सिरप कांड पर गहरी दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर डालते हुए कहा कि जिन दवाओं की टेस्टिंग की जानी चाहिए थी, वह कभी कराई ही नहीं गई। अब भी पता नहीं कि कितनी दवाइयां बची हैं जिनकी जांच बाकी है।
कमलनाथ इन दिनों दो दिवसीय छिंदवाड़ा दौरे पर हैं। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि, “मैं इस घटना के लिए प्रदेश सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार मानता हूं।” उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बात की है और सरकार को मुआवजे के मामले में और ठोस कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “मेरी तरफ से जो कुछ भी करना होगा, मैं जरूर करूंगा।”
कमलनाथ ने इससे पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर भी लिखा — “ज़हरीला सिरप पीने से 21 मासूमों की मौत के बाद छिंदवाड़ा शोक में डूबा है। मैं पूर्व सांसद नकुलनाथ के साथ परासिया जा रहा हूं, ताकि पीड़ित परिवारों से मिल सकूं और उनके दुख में साझीदार बन सकूं। दुख की इस घड़ी में हम सब उनके साथ हैं।”
गौरतलब है कि छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से अब तक 21 बच्चों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि परासिया के सिविल अस्पताल में तैनात डॉ. प्रवीन सोनी अपने निजी क्लीनिक में बच्चों का इलाज कर रहे थे। वहीं, उन्होंने जिन दवाइयों को पर्चे पर लिखा, उनके सेवन के बाद बच्चों को तेज बुखार, पेशाब में दिक्कत और किडनी फेलियर जैसे लक्षण दिखे।
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है, और अब कमलनाथ ने इसे सरकार की लापरवाही का परिणाम बताया है।

