इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यंग एंटरप्रेन्योर फोरम समिट में देशभर से आए युवा उद्यमियों, स्टार्टअप फाउंडर्स और उद्योग जगत से जुड़े लोगों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी ने समिट को खास बना दिया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता किसी एक्स फैक्टर से नहीं, बल्कि विश्वास यानी “डी फैक्टर” से बनती है और आज सामने बैठी युवा पीढ़ी ही भारत के भविष्य की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि यह वही नया भारत है जो आराम छोड़कर जोखिम उठाने का साहस कर रहा है।
सिंधिया ने अपने संघर्षों को साझा करते हुए बताया कि विदेश से पढ़ाई के बाद भारत लौटकर उन्होंने होटल के एक छोटे से कमरे से काम शुरू किया, न पहचान थी और न संसाधन, खुद कॉल किए, खुद प्रेजेंटेशन बनाए और खुद ही क्लाइंट तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि उद्यमिता का रास्ता आसान नहीं होता, लेकिन धैर्य, निरंतर मेहनत और असफलताओं से सीखने की क्षमता ही असली पूंजी है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने सफलता और असफलता दोनों देखी हैं और बर्नआउट के दौर से भी गुजरे, लेकिन हार नहीं मानी।
भारत की आर्थिक प्रगति पर बोलते हुए सिंधिया ने कहा कि 12 साल पहले भारत दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जो आज चौथे स्थान पर पहुंच चुका है और तेजी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए नीतिगत सुधारों और उद्यमियों पर भरोसे का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले जहां भारत में गिने-चुने स्टार्टअप थे, वहीं आज करीब दो लाख स्टार्टअप सक्रिय हैं और भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में इंदौर की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यह नगर भगवान गणेश से जुड़ा है, जो बुद्धि और विवेक के प्रतीक हैं, इसलिए यहां से उद्यमशीलता की ऊर्जा निकलना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में समृद्धि केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि समाज के साथ साझा की जाती है और विकास का असली अर्थ समाज को सशक्त बनाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में बजट को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया है और सरकार का फोकस योजनाओं को जमीन पर उतारने का है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा में संरचनात्मक सुधार किए जा रहे हैं, मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत कर नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं, जिससे सुविधाएं बेहतर होंगी और खर्च भी कम होगा। उद्योगों को जमीन, इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन देकर निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इंदौर को स्टार्टअप और नवाचार का उभरता हुआ राष्ट्रीय केंद्र बताते हुए कहा कि सरकार युवाओं को हर संभव सहयोग देगी, ताकि वे रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें।
समिट में कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट, बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. निशांत खरे सहित कई जनप्रतिनिधि, उद्योग विशेषज्ञ और युवा उद्यमी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम से इंदौर से यह साफ संदेश गया कि नया भारत युवाओं की सोच, साहस और नवाचार से बनेगा और सरकार इस यात्रा में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

