जबलपुर। सेंट्रल जीएसटी ऑफिस में सामने आए रिश्वत कांड को लेकर सीबीआई की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार असिस्टेंट कमिश्नर और इंस्पेक्टर के मोबाइल फोन सीज कर लिए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। सीबीआई फोन से डेटा, चैट और कॉल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
जांच के दायरे में अब घूसखोर अधिकारियों के बैंक खाते और लॉकर भी आ गए हैं। सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत की रकम कहां-कहां और किस रूप में जमा की गई। इसी बीच फरार सेंट्रल जीएसटी अधीक्षक मुकेश बर्मन की तलाश भी तेज कर दी गई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
गौरतलब है कि बीते बुधवार को सीबीआई ने चार लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए सीजीएसटी के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा और अधीक्षक मुकेश बर्मन के इशारे पर एक व्यापारी से रिश्वत मांगी गई थी। इस मामले में इंस्पेक्टर सचिन खरे को फिल्मी अंदाज में एक मॉल के सामने से, करीब दस किलोमीटर तक पीछा करने के बाद गिरफ्तार किया गया था और उसकी गाड़ी से रिश्वत की रकम बरामद हुई थी।

