मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में माघ मेला 2026 को लेकर समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को साफ शब्दों में निर्देश दिए कि आयोजन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कार्मिकों को बेहतर व्यवहार और श्रद्धालु-संवेदनशील दृष्टिकोण के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सम्मान और सुरक्षा दोनों मिल सके। उन्होंने व्यवस्थाओं में एनएसएस स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेट्स के सहयोग को भी शामिल करने और विभिन्न सेवाओं के शुल्क को नियंत्रण में रखने के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने बैठक में कहा कि मेला क्षेत्र में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए, जिससे मां गंगा और यमुना की पवित्रता बनी रहे। उन्होंने स्वच्छताकर्मियों के मानदेय का भुगतान किसी भी स्थिति में 15 दिनों के भीतर कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के लिए ठोस और बहुस्तरीय कार्ययोजना बनाने को कहा और स्पष्ट चेतावनी दी कि माघ मेले को लेकर किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संगम पर कल्पवास, स्नान और साधना की परंपरा भारतीय सांस्कृतिक चेतना की आत्मा है। महाकुंभ के सुव्यवस्थित आयोजन के बाद माघ मेला 2026 को लेकर देश और दुनिया में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि माघ मेला केवल आस्था का आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता का जीवंत उदाहरण भी है।

