शिवपुरी। Madhav Tiger Reserve: माधव टाइगर रिजर्व में शनिवार सुबह एक नई मेहमान के तौर पर बांधवगढ़ से लाई गई मादा बाघिन का आगमन हुआ, जिसे पार्क प्रबंधन ने जंगल में सफलतापूर्वक रिलीज कर दिया है। इस नई बाघिन के आने के बाद अब रिजर्व में कुल तीन मादा और दो नर बाघ मौजूद हैं, साथ ही दो शावक भी हैं, ऐसे में सभी बाघों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर प्रबंधन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
बांधवगढ़ से लाई गई इस मादा बाघिन के गले में ट्रैकिंग कॉलर लगाया गया है, जिससे उसकी लोकेशन पर लगातार नजर रखी जा सकेगी, जबकि पहले लाए गए तीन बाघों का ट्रैकिंग सिस्टम बंद हो जाने के कारण उनकी लोकेशन मिलना बंद हो गई थी, जिसका फायदा उठाकर शिकारियों ने एक मादा बाघ का शिकार कर लिया था, हालांकि पार्क प्रबंधन अब भी उसे लापता मान रहा है।
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में जहां चीतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की आबादी में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है, जिसे लेकर चिंता जताई जा रही है। सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा का कहना है कि जंगल में लगातार हो रही मानवीय गतिविधियां और डिस्टर्बेंस बाघों की आबादी बढ़ने में बड़ी बाधा बन रही हैं, क्योंकि रिजर्व के भीतर अभी भी पांच गांव बसे हुए हैं और लोगों की आवाजाही बनी रहती है। यही वजह है कि पिछले चार वर्षों में यहां केवल दो शावकों का ही जन्म हो सका है।

