शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल ज़िले में भ्रष्टाचार का एक और बड़ा मामला सामने आया है। लोकायुक्त रीवा की टीम ने धनपुरी नगर पालिका में दबिश देकर सहायक उप निरीक्षक (ASI) इंद्र बहादुर सिंह उर्फ आई.बी. सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
मामला वार्ड नंबर 2 के निवासी योगेंद्र वर्मा से जुड़ा है, जिनसे भवन निर्माण की स्वीकृति दिलाने के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। लंबी बातचीत के बाद रकम 5 हजार तय हुई। योगेंद्र वर्मा ने पहले ही 2 हजार रुपये की किस्त दे दी थी, लेकिन जैसे ही उन्होंने दूसरी किस्त के 3 हजार रुपये सौंपे, लोकायुक्त की टीम ने मौके पर ही ट्रैप बिछा दिया।
करीब 15 सदस्यीय लोकायुक्त टीम ने धनपुरी नगर पालिका परिसर में अचानक छापा मारा और वहीं से रिश्वत की रकम बरामद की। कार्रवाई इतनी तेज़ थी कि नगर पालिका के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया — कई लोग दफ्तर छोड़कर भाग निकले।
बताया जा रहा है कि इस घूसखोरी में नगर पालिका का स्थाई कर्मचारी रज्जन चौधरी भी शामिल था। लोकायुक्त टीम ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की पूछताछ जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धनपुरी नगर पालिका में रिश्वत और मनमानी का खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन इस कार्रवाई ने ऐसे भ्रष्ट तंत्र पर सीधा प्रहार किया है। यह गिरफ्तारी अब उस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है जहां जनता की सेवा के नाम पर घूसखोरी आम बात बन चुकी थी।

