प्रयागराज। माघ मेले में इस बार उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा नहीं लगाए जाने का फैसला लिया गया है। माघ मेला प्राधिकरण ने मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि साधु-संतों ने इसे माघ मेले की परंपराओं के खिलाफ बताया है और इसी आपत्ति के बाद यह निर्णय लिया गया है।
इस फैसले को लेकर समाजवादी पार्टी में नाराजगी देखने को मिल रही है। नेता प्रतिपक्ष और सपा के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडे ने कहा कि वह कल प्रयागराज जाएंगे और प्रशासन से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि अगर प्रशासन से बात नहीं बनी तो वह धरना देंगे।
माता प्रसाद पांडे ने सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा के नेता माघ मेले में अपनी तस्वीरें लगाते हैं, तो तस्वीर और प्रतिमा में क्या फर्क है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछली बार भी नेता जी की मूर्ति माघ मेले में लगाई गई थी।
शिविर से जुड़े लोगों का कहना है कि मेला प्राधिकरण पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है, जिसके चलते इस तरह का नोटिस जारी किया गया है। उनका आरोप है कि यह फैसला पूरी तरह सियासी कारणों से लिया गया है।
वहीं समाजवादी पार्टी की मीडिया सेल ने भी इस फैसले पर भाजपा सरकार को घेरा है। सपा मीडिया सेल ने कहा कि माघ मेले में मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान को नोटिस देना और आवंटित भूमि को खाली कराने का प्रयास बेहद निंदनीय और शर्मनाक है।
सपा ने आरोप लगाया कि भाजपा को PDA वर्ग के महापुरुषों का व्यक्तित्व सहन नहीं हो पा रहा है और दलितों व पिछड़ों के अपमान का कोई मौका नहीं छोड़ा जा रहा है। पार्टी ने यह भी कहा कि इस शिविर के माध्यम से मेलार्थियों के लिए भोजन, दूध और सेवा की व्यवस्था की जानी थी, लेकिन भाजपा सरकार मेलार्थियों के हित में काम नहीं करने दे रही है, क्योंकि वह PDA से डरती है।

