इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से आठ लोगों की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। सैकड़ों लोग अब भी अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन इसी दौरान जनसेवा की जिम्मेदारी संभालने वाले जनप्रतिनिधियों की शर्मनाक तस्वीरें सामने आई हैं। जब भागीरथपुरा के लोग बीमार होकर तड़प रहे थे, तब क्षेत्र के पार्षद कमल वाघेला झूला झूलकर मौज-मस्ती करते नजर आए।
दूषित पानी का मामला सामने आने के बावजूद जिम्मेदारों की संवेदनहीनता साफ दिखाई दी। जलकार्य विभाग के प्रभारी बबलू शर्मा की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें वे एक आयोजन में खाना परोसते दिख रहे हैं। यह तस्वीर शनिवार की बताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर वार्ड के पार्षद कमल वाघेला का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे गार्डन में बेफिक्र होकर झूला झूलते नजर आ रहे हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस जलकार्य विभाग की जिम्मेदारी लोगों तक साफ पानी पहुंचाने की है, उसी विभाग के प्रभारी इस गंभीर संकट के समय आयोजनों में व्यस्त नजर आए। वहीं क्षेत्र के पार्षद उस वक्त आराम और मनोरंजन में डूबे रहे, जब उनके ही इलाके के लोग दूषित पानी से बीमार पड़ रहे थे और कई परिवार अपनों को खो चुके थे।
अब सवाल यह उठता है कि जब जनता साफ पानी के लिए गुहार लगा रही थी और मौतों से जूझ रही थी, तब जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय मौज-मस्ती में क्यों डूबे रहे। क्या जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता ही इस त्रासदी की सबसे बड़ी वजह नहीं है।

