लखनऊ. उत्तर प्रदेश में जल्द ही योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार की संभावना जताई जा रही है। इसे लेकर मंगलवार को हुई प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक में गंभीर मंथन हुआ है। सूत्रों के मुताबिक मकर संक्रांति के बाद योगी कैबिनेट का विस्तार किया जा सकता है, जिसमें नए चेहरों की एंट्री और कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
जानकारी के अनुसार इस विस्तार में छह से अधिक मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, वहीं मंत्रिमंडल में नए चेहरों को शामिल करने की भी तैयारी है। भूपेंद्र चौधरी और अशोक कटारिया का नाम मंत्री पद के लिए प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। इसके अलावा मनोज पांडेय और पूजा पाल के भी मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चाएं तेज हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कई नेताओं को प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है।
गौरतलब है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा बीते कई महीनों से चल रही है। 16 दिसंबर को भी इस विषय पर विचार-विमर्श हुआ था, जिसमें पिछड़े और दलित वर्ग के मंत्रियों के प्रतिनिधित्व और कद को बढ़ाने पर फोकस किया गया था। इसके साथ ही योगी कैबिनेट में युवा और ऊर्जावान विधायकों को मौका देने की रणनीति पर भी बात हुई थी।
फिलहाल योगी मंत्रिमंडल में 54 मंत्री हैं, जबकि संवैधानिक रूप से 60 मंत्रियों तक की गुंजाइश है। ऐसे में सरकार के पास करीब छह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने का अवसर है। यही वजह है कि सरकार और संगठन, दोनों स्तरों पर मंथन तेज हो गया है। माना जा रहा है कि विस्तार के साथ कुछ मंत्रियों को संगठन की जिम्मेदारी देकर मंत्रिमंडल से बाहर भी किया जा सकता है। नए साल में योगी कैबिनेट का यह बदलाव प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।

