जबलपुर। मध्य प्रदेश के रतलाम में सामने आए डिजिटल अरेस्ट ठगी मामले का जबलपुर कनेक्शन उजागर हुआ है। ठगों द्वारा ठगी गई रकम में से करीब 14 लाख रुपये जबलपुर के अलग-अलग चार बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे, जिसके बाद रतलाम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जबलपुर से चार युवकों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
इस मामले में रतलाम के एक रिटायर्ड अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक करोड़ 34 लाख रुपये की ठगी की गई थी। ठगों ने बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी और अलग-अलग किस्तों में बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। खाते में आई रकम को बाद में क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर कंबोडिया तक पहुंचाया गया।
जांच में सामने आया है कि जबलपुर के अशोक जायसवाल, सनी जायसवाल, सारांश तिवारी और एक नाबालिग के खातों में यह पैसा ट्रांसफर किया गया था। ठगों ने कमीशन का लालच देकर जबलपुर में ये खाते खुलवाए थे। अब जबलपुर पुलिस सभी खाताधारकों की भूमिका और लेनदेन की हिस्ट्री खंगाल रही है।
पुलिस के मुताबिक ठगों ने 15 नवंबर से 12 दिसंबर तक रिटायर्ड अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट में रखा और लगातार दबाव बनाकर उससे कुल एक करोड़ 34 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। फिलहाल इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है ताकि इस साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचा जा सके।

