भोपाल। आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के भोपाल दौरे को लेकर कांग्रेस ने सियासी हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा कि संघ दावा करता है कि उसका संगठन पूरी दुनिया में फैला है, लेकिन फिर बांग्लादेश जैसे संवेदनशील मुद्दे पर डॉ. मोहन भागवत क्यों नहीं बोल रहे हैं और सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की जा रही।
पीसी शर्मा ने इंदौर के दूषित पानी कांड को लेकर भी सरकार और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा के बाद यह सरकार की दूसरी बड़ी लापरवाही है और जिस क्षेत्र में यह घटना हुई वह मंत्री का इलाका है। इसके बावजूद जिम्मेदारी लेने के बजाय अभद्र व्यवहार किया गया। यह सीधा हत्या का मामला है और मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि लोगों को चार कैटेगरी में बांटने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। हालात ऐसे हैं कि बड़ी संख्या में नाम कट गए हैं, एक ही व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज हो गया है और मृत व्यक्तियों के नाम दूसरे वार्ड में पाए जा रहे हैं। पीसी शर्मा ने मांग की कि इस पूरी प्रक्रिया को जिला स्तर पर दोबारा तैयार किया जाना चाहिए।
राम पथ गमन को लेकर उन्होंने कहा कि यह योजना कमलनाथ सरकार की देन है और कांग्रेस शासन में इस पर काम भी शुरू किया गया था। उन्होंने बताया कि वे स्वयं श्रीलंका गए थे और वहां माता सीता की अग्नि परीक्षा स्थल पर मंदिर निर्माण की मांग रखी थी। पीसी शर्मा ने कहा कि केवल राम की बात करने से काम नहीं चलेगा, उनके पदचिन्हों पर चलना होगा और जब तक श्रीलंका में माता सीता का मंदिर नहीं बनेगा तब तक राम पथ गमन साकार नहीं हो सकता।
भोपाल में गंदे पानी की सप्लाई पर चिंता जताते हुए पीसी शर्मा ने कहा कि प्रदेश की राजधानी में सीवेज लाइन से गंदा पानी आ रहा है और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यहां भी इंदौर जैसी बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर और महापौर से अपील की कि शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए।
कांग्रेस पोस्टर विवाद पर पीसी शर्मा ने कहा कि पोस्टर में जिस तरह से भाव व्यक्त किए गए हैं, दिग्विजय सिंह ने हमेशा पार्टी के प्रति निष्ठा दिखाई है और वे ऐसे नेता हैं जिन्होंने हर परीक्षा दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी भावना व्यक्त की है और इसे उसी रूप में देखा जाना चाहिए।

