जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में मोमिन ईदगाह को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वक्फ बोर्ड द्वारा गठित नई कमेटी के गठन के बाद शहर में तनाव का माहौल बन गया है। पुरानी कमेटी और मुस्लिम समुदाय के कई लोगों ने नई कमेटी के खिलाफ ज़ोरदार विरोध शुरू कर दिया है। ईदगाह के बाहर धरना, नारेबाज़ी और दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से पूरा इलाका गहमागहमी में बदल गया।
गोहलपुर थाना क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक मोमिन ईदगाह हमेशा से मुस्लिम समाज के लिए एक प्रमुख धार्मिक स्थल रहा है। लेकिन अब यही जगह पुरानी कमेटी और वक्फ बोर्ड द्वारा गठित नई कमेटी के बीच विवाद का केंद्र बन गई है। दरअसल, मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने हाल ही में मोमिन ईदगाह कमेटी में नए सदस्यों को शामिल करने का फैसला लिया, लेकिन पुरानी कमेटी ने इस फैसले को सिरे से खारिज कर दिया।
पुरानी कमेटी का कहना है कि वक्फ बोर्ड ईदगाह को जबरन वक्फ संपत्ति घोषित कर रहा है, जबकि यह समुदाय की निजी संपत्ति है। उनका आरोप है कि प्रशासन इस पूरे मामले में निष्क्रिय है और नई कमेटी में उन लोगों को जगह दी गई है जिनका चरित्र संदिग्ध है। उनका कहना है कि यह सब मुस्लिम समुदाय को बांटने की साजिश का हिस्सा है।
विरोध में समुदाय के कई सदस्य ईदगाह के बाहर धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाज़ी की। इसी दौरान वक्फ बोर्ड संशोधन बिल के खिलाफ भी आवाज़ें उठीं। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन ने हालात पर नज़र बनाए रखी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। लेकिन यह साफ है कि जबलपुर की मोमिन ईदगाह कमेटी को लेकर मचा यह बवाल जल्द थमने वाला नहीं है।

