ग्वालियर। अंबेडकर का पोस्टर जलाने के आरोप में जेल में बंद एडवोकेट अनिल मिश्रा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने अनिल मिश्रा को एक लाख रुपए के पर्सनल बांड और एक लाख रुपए की जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि अनिल मिश्रा को अवैध तरीके से डिटेन किया गया था। कोर्ट ने साफ कहा कि एफआईआर में कस्टडी से जुड़ी कई प्रक्रियात्मक गलतियां की गईं और इस मामले में उन्हें नोटिस देकर भी छोड़ा जा सकता था।
हाईकोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि निचली अदालत में शेष गिरफ्तार आरोपियों को भी जमानत मिलने की संभावना है। वहीं अंबेडकर पोस्टर जलाने से जुड़ी एफआईआर को निरस्त करने की मांग को अलग प्रक्रिया के तहत सुना जाएगा।
बता दें कि एडवोकेट अनिल मिश्रा बीते चार दिनों से जेल में बंद थे। ग्वालियर साइबर पुलिस ने अंबेडकर का पोस्टर जलाने के मामले में गुरुवार को उनकी गिरफ्तारी की थी। इस प्रकरण में अनिल मिश्रा समेत कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया था। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।

