इंदौर। इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा जल आपूर्ति की परीक्षण प्रक्रिया उस वक्त विवाद का कारण बन गई, जब पानी छोड़े जाते ही पूरे क्षेत्र में अव्यवस्था फैल गई।
जल परीक्षण के दौरान अचानक तेज दबाव से पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे कई गलियों में जलभराव हो गया और निचले इलाकों में स्थित घरों व दुकानों के भीतर तक पानी घुस गया।
भागीरथपुरा में जैसे ही जल आपूर्ति शुरू हुई, सड़क पर बहता पानी यह साफ संकेत दे गया कि पाइपलाइन सुधार कार्य पूरी तरह संतोषजनक नहीं रहा।
जिस स्थान पर हाल ही में ड्रेनेज लाइन बिछाई गई थी, वहीं से पानी का रिसाव शुरू हो गया और देखते ही देखते ड्रेनेज के लिए खोदे गए गड्ढे पानी से लबालब भर गए।
हालांकि प्रशासन की ओर से पहले ही मुनादी कराकर लोगों को नर्मदा के पानी का उपयोग न करने की चेतावनी दी गई थी और यह भी बताया गया था कि यह प्रक्रिया केवल पाइपलाइन की सफाई और परीक्षण के लिए की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि कुछ समय तक पानी को जानबूझकर बहने दिया जाएगा, ताकि किसी भी तरह का दूषित जल पूरी तरह बाहर निकल सके।
लेकिन अचानक हुए जलभराव से परेशान रहवासियों ने सुधार कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि दोबारा जल आपूर्ति शुरू करने से पहले पूरी पाइपलाइन की तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी दोबारा न झेलनी पड़े।

