भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित बीजेपी कार्यालय उस वक्त हंगामे का केंद्र बन गया, जब एक महिला अपनी मांगों पर सुनवाई न होने से नाराज होकर वहीं धरने पर बैठ गई। महिला ने भाजपा की एक नेत्री पर गंभीर आरोप लगाए और न्याय की गुहार लगाती रही, लेकिन काफी देर तक उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस का कहना है कि एक ओर सरकार रोजाना जनसुनवाई के लिए मंत्रियों की ड्यूटी लगाती है, वहीं दूसरी ओर उसी भाजपा कार्यालय में एक महिला अपनी नाबालिग बेटी के साथ रोती-बिलखती रही, लेकिन किसी ने उसकी बात तक नहीं सुनी। राजधानी के बीजेपी कार्यालय में धरने पर बैठी इस महिला का वीडियो कांग्रेस प्रवक्ता राहुल राज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो साझा करते हुए राहुल राज ने लिखा कि भाजपा कार्यालय में जनसुनवाई कर रहे दो मंत्री महिला की गुहार सुने बिना ही दफ्तर छोड़कर बाहर निकल गए। महिला अपनी नाबालिग बच्ची के साथ न्याय की भीख मांगती रही, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष, मीडिया प्रभारी, कार्यालय मंत्री और अन्य नेताओं की मौजूदगी के बावजूद कोई भी उससे मिलने बाहर नहीं आया।
कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा कि महिला करीब एक घंटे तक अपनी बच्ची के साथ रोती-बिलखती रही, लेकिन नारी सम्मान की बात करने वाली भाजपा का कोई नेता उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया। राहुल राज ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सवाल करते हुए कहा कि यह सब प्रदेश के सबसे बड़े राजनीतिक दफ्तर में हो रहा है और सरकार आंखें बंद किए बैठी है।
वायरल वीडियो में महिला को We want justice कहते हुए सुना जा सकता है। वह लगातार मिलने का समय मांगती नजर आती है और कहती है कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह भूख हड़ताल पर बैठेगी। महिला ने यह भी कहा कि नेहा बग्गा ने उसके साथ मारपीट की है और उसे जान से मारने तथा उसकी बेटी के अपहरण की धमकियां दी जा रही हैं। महिला का दर्द यहीं नहीं रुका, उसने बताया कि उसके घर में खाने, बिजली और पानी तक की व्यवस्था नहीं है। फिलहाल यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

