ग्वालियर में गंदी सोच, अब पेंटिंग में भी सुरक्षित नहीं महिलाएं

ग्वालियर। ग्वालियर को खूबसूरत और स्मार्ट सिटी बनाने के लिए शहर की दीवारों पर आकर्षक वॉल पेंटिंग कराई गई थीं, लेकिन महिलाओं के प्रति गंदी और विकृत सोच रखने वाले असामाजिक तत्वों ने यहां भी अपनी घिनौनी मानसिकता दिखा दी। दीवारों पर बनी महिला आकृतियों के साथ छेड़छाड़ की गई और पेंटिंग्स में फीमेल पार्ट्स को स्क्रैच करने के साथ कई जगह गड्ढे तक कर दिए गए।

यह शर्मनाक मामला बेजाताल रोड से फूलबाग चौपाटी होते हुए नदी गेट तक सामने आया है, जहां नगर निगम द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत सुंदर वॉल पेंटिंग कराई गई थी। लेकिन इन पेंटिंग्स पर बनी महिलाओं की आकृतियां असामाजिक तत्वों का निशाना बन गईं और उनकी गंदी सोच खुलेआम नजर आई।

मामले के सामने आने के बाद छात्राओं, एडवोकेट्स और आम नागरिकों में भारी नाराजगी देखने को मिली है। लोगों का कहना है कि जब दीवारों पर बनी महिला पेंटिंग भी सुरक्षित नहीं हैं, तो सोचिए असल जिंदगी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ऐसे लोगों की मानसिकता कितनी खतरनाक हो सकती है। छात्रा हिमांशी सोलंकी ने इसे बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि अगर पेंटिंग्स तक को नहीं छोड़ा जा रहा, तो महिलाओं का क्या हाल होगा।

इस घटना को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने ग्वालियर एसएसपी से चर्चा की है और सीसीटीवी व अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निगम की ओर से नदी गेट रोड की दीवारों पर सफेद रंग से पुताई कर दी गई है और आने वाले दिनों में यहां ओपन वॉल पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित करने की योजना भी बनाई जा रही है।

दीवारों को तो सफेद रंग से साफ कर दिया गया है, लेकिन सवाल अब भी वही है कि समाज में फैली इस गंदी और घिनौनी सोच को कब और कैसे साफ किया जाएगा।

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