बहराइच। जनपद के पयागपुर क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला और उसकी दो बेटियों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतका आशा देवी उर्फ मीनू और उसकी सात वर्षीय बेटी मिष्ठी का शव पुलिस ने तालाब से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि दो वर्षीय मासूम नंदिनी की तलाश अब भी जारी है। मृतका के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
मृतका के भाई ने बताया कि रात करीब दस बजे उन्हें सूचना मिली थी कि उनकी बहन घर के पास स्थित तालाब में कूद गई है। खबर मिलते ही वे रात एक बजे मौके पर पहुंचे, जहां आशा उर्फ मीनू और उसकी बेटी मिष्ठी का शव तालाब के किनारे रखा हुआ था, लेकिन छोटी बेटी नंदिनी का कोई पता नहीं चल सका। मृतका के पिता रामचंद्र गुप्ता, निवासी बॉडी जिला बहराइच ने अपनी बेटी की हत्या का आरोप उसके पति विष्णु गुप्ता और सास-ससुर पर लगाया है और इसे साजिश करार दिया है।
परिजनों का कहना है कि वर्ष 2014 में उन्होंने अपनी बेटी आशा देवी की शादी कोर्ट बाजार निवासी विष्णु गुप्ता से की थी। दंपती की तीन बेटियां हैं और कोई बेटा नहीं होने को लेकर आशा को ससुराल में लगातार प्रताड़ित किया जाता था। आरोप है कि इसी तनाव के चलते यह घटना हुई है, लेकिन परिजन इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या मान रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। वहीं दूसरी ओर, लापता दो वर्षीय नंदिनी की तलाश के लिए पुलिसकर्मी और गोताखोर लगातार तालाब में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। अब तक बच्ची का शव बरामद नहीं हो सका है।
इस बीच मृतका के पति विष्णु गुप्ता ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा है कि उन्होंने अपनी पत्नी और बच्चों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है। उनका कहना है कि किस मानसिक स्थिति में उनकी पत्नी ने यह कदम उठाया, उन्हें खुद इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल यह मामला हत्या है या आत्महत्या, इसका जवाब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आ पाएगा।

