ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत भिंड रोड पर निर्माणाधीन हेरिटेज एंट्री गेट की दीवार 26 दिसंबर को अचानक गिर गई थी। इस घटना में कोई जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन अब जांच समिति की रिपोर्ट ने सिस्टम की गंभीर लापरवाही को उजागर कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक दीवार गिरने की सबसे बड़ी वजह निर्माण स्थल पर इंजीनियर की गैरमौजूदगी रही, जिससे काम की सही निगरानी नहीं हो पाई। इसके साथ ही निर्माण में इस्तेमाल की गई मिट्टी लूज पाई गई, जिस कारण दीवार मजबूत नहीं रह सकी और भरभराकर गिर गई।
हादसे के बाद कलेक्टर और कमिश्नर ने खुद मौके का निरीक्षण किया था, जिसके बाद जांच समिति गठित की गई। जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपे जाने के तुरंत बाद कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लोक निर्माण विभाग से तैनात इंजीनियर मोहम्मद काजी खलील को उनके मूल विभाग वापस भेज दिया गया है। वहीं सहायक यंत्री और उपयंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि दीवार निर्माण से जुड़े कंस्ट्रक्शन मैनेजर का छह दिनों का वेतन काटने की कार्रवाई की गई है।
बताया जा रहा है कि यह हेरिटेज एंट्री गेट ग्वालियर किले की थीम पर बनाया जा रहा है, जो शहर की ऐतिहासिक पहचान को दर्शाने वाला है। दीवार गिरने की घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्माण कार्यों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।

