भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के दलित एजेंडे को लेकर सियासत तेज हो गई है और इसी मुद्दे पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर जोरदार हमला बोला है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में जातिगत संघर्ष और हिंदू मुस्लिम संघर्ष की शुरुआत दिग्विजय सिंह ने ही की थी और यह सब सोची समझी राजनीति के तहत किया गया।
रामेश्वर शर्मा ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह ने हमेशा फूट डालो और राजनीति करो की नीति अपनाई। उन्होंने कहा कि कांतिलाल भूरिया को मुख्यमंत्री नहीं बनने दिया गया, सुभाष यादव को हाशिए पर धकेला गया, अरुण यादव को भी किनारे कर दिया गया और अब वही रवैया जीतू पटवारी के साथ भी अपनाया जा रहा है। रामेश्वर शर्मा का कहना था कि दिग्विजय सिंह के लिए कांग्रेस नहीं बल्कि सिर्फ उनका निजी हित अहम रहा है, उनका भला हुआ तो कांग्रेस का भला और अगर उनका भला नहीं हुआ तो कांग्रेस का बुरा।
सज्जन सिंह वर्मा के मामले में भी रामेश्वर शर्मा ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह की सरकार में न तो सज्जन वर्मा के विभाग की फाइलें ठीक से चलती थीं और न ही उनकी बात सुनी जाती थी। उन्होंने कहा कि सज्जन वर्मा को अनुसूचित जाति वर्ग से होने के कारण कभी तवज्जो नहीं दी गई। बीजेपी विधायक के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासी पारा और चढ़ गया है।

