बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में NABARD से जुड़े करीब 14 करोड़ रुपये के लोन घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। सेंधवा शहर में आज सुबह से ही CBI की टीम ने छापेमारी शुरू कर दी, जो लगातार जारी है। सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई CBI की आर्थिक अपराध शाखा कोलकाता द्वारा की जा रही है, जिसने निमाड़ एग्रो पार्क से जुड़े इस मामले में केस दर्ज किया है। आरोप है कि तायल बंधुओं ने NABARD की फूड प्रोसेसिंग फंड योजना के तहत लिए गए ऋण का गलत इस्तेमाल किया और फंड का डायवर्जन कर दिया। परियोजना जमीन पर पूरी नहीं हुई, लेकिन लोन की भारी-भरकम राशि का गबन कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार सेंधवा की जगन्नाथ पुरी कॉलोनी में अशोक तायल के निवास पर सुबह से CBI टीम मौजूद है और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। इसके साथ ही सेंधवा के नारा पार इलाके में जोशी परिवार के घर पर भी जांच चल रही है। मामले में तायल परिवार पर लगभग 13 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का आरोप है, जबकि जोशी परिवार पर करीब 11 करोड़ रुपये के फंड डायवर्जन की जांच की जा रही है।
CBI जांच में सामने आया है कि NABARD से फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के नाम पर 13.99 करोड़ रुपये का लोन लिया गया था। इस परियोजना की कुल लागत करीब 31 करोड़ रुपये बताई गई थी, जिसमें लगभग 10 करोड़ रुपये का अनुदान भी शामिल था। जांच में यह खुलासा हुआ कि फर्जी दस्तावेजों और कागजी समझौतों के जरिए लोन की किश्तें पास करवाई गईं, लेकिन मौके पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। इससे NABARD को करीब 13 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान हुआ है, जबकि ब्याज जोड़ने पर कुल क्षति और भी ज्यादा बताई जा रही है।
CBI की यह कार्रवाई NABARD की शिकायत के आधार पर की गई है। जांच एजेंसी इस मामले में सरकारी अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की भी पड़ताल कर रही है। फिलहाल टीम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य अहम सबूत जब्त कर रही है। जांच पूरी होने के बाद इस घोटाले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

