जबलपुर। मध्य प्रदेश में गंदे नाले यानी सीवरेज के पानी से सब्जियां उगाने के मामले में हाईकोर्ट में प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने अपनी जांच रिपोर्ट पेश की है, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि शहर के लगभग सभी नालों के पानी में भारी मात्रा में सीवेज मिल रहा है और नालों का पानी बेहद दूषित स्थिति में है। यह पानी न तो पीने योग्य है, न ही निस्तार और सिंचाई के लिए उपयुक्त है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर यह दूषित पानी किसी भी तरह से वाटर पाइपलाइन में मिला तो गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए घरों से निकलने वाले सीवेज को सीधे नालों में मिलने से रोकने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि सीवेज के नालों में जाने पर उचित प्रतिबंध लगाए जाएं और घरों से निकलने वाले गंदे पानी को ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जाए।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सुझावों पर तत्काल अमल करने के निर्देश दिए हैं और अमल के बाद विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 2 फरवरी को होगी। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ में हुई।

