गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति के पावन अवसर पर ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4 बजे गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार महायोगी गुरु गोरखनाथ को पुण्यकाल में विधि-विधान से आस्था की पवित्र खिचड़ी अर्पित की। खिचड़ी अर्पण के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, जिसके साथ ही भक्तों का तांता लग गया। इस अवसर पर सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और लोकमंगल की कामना की।
सीएम योगी ने कहा कि मकर संक्रांति एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। जगत पिता भगवान सूर्य इस चराचर जगत की आत्मा हैं और सनातन हिंदू परंपरा में आज के दिन से शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। उन्होंने महायोगी गुरु गोरखनाथ से सभी नागरिकों के सुखमय और समृद्धमय जीवन की प्रार्थना की और श्रद्धालुओं का हृदय से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति के ज्योतिषीय महत्व को बताते हुए कहा कि सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में संक्रमण को संक्रांति कहा जाता है और जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसे मकर संक्रांति कहते हैं। मकर राशि से अगले छह माह तक सूर्य उत्तरायण रहते हैं, इस दौरान दिन बड़े और रातें छोटी होती हैं, जिसे सकारात्मक ऊर्जा और शुभता का प्रतीक माना जाता है।
सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी संदेश साझा करते हुए लिखा कि सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक सद्भाव और भगवान सूर्य की आराधना के पावन पर्व मकर संक्रांति यानी खिचड़ी की प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। यह महापर्व जन-कल्याण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक उत्कर्ष का प्रतीक बने और सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता का संचार करे, यही भगवान भास्कर से प्रार्थना है।

