नर्मदापुरम। मां नर्मदा में बीते कई वर्षों से गंदे नाले का पानी मिल रहा है, लेकिन तमाम घोषणाओं के बावजूद आज तक इसे बंद नहीं कराया जा सका। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मंच से इस नाले को बंद करने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी जस की तस बनी हुई है। इसी मुद्दे पर राज्यसभा की बीजेपी सांसद माया नारोलिया ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे शर्मनाक बताया है।
प्रसिद्ध सेठानी घाट पर सफाई अभियान के दौरान जब राज्यसभा सांसद माया नारोलिया से नाले को लेकर सवाल किए गए, तो उन्होंने कहा कि नर्मदा जयंती नजदीक है और यह नाला कई वर्षों से लगातार मां नर्मदा में मिल रहा है, जो बेहद शर्म की बात है। उन्होंने स्वीकार किया कि हम मां नर्मदा की पूजा करते हैं, लेकिन शहर का गंदा पानी उसी पवित्र नदी में मिल रहा है, यह हमारी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
माया नारोलिया ने कहा कि इस पूरे मामले को वह राज्यसभा में जरूर उठाएंगी और प्रयास करेंगी कि यह नाला पूरी तरह बंद हो। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि नर्मदा स्नान के दौरान साबुन या शैंपू का उपयोग न करें, ताकि मां नर्मदा को और अधिक प्रदूषित होने से बचाया जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस साल नाले को पूरी तरह बंद कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
आपको बता दें कि नर्मदा जयंती समारोह 25 जनवरी को मनाया जाएगा। इसे लेकर सेठानी घाट समेत शहर के अन्य घाटों पर जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। हर साल नर्मदापुरम में यह आयोजन बड़े धूमधाम से होता है, जिसमें शहर ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। नर्मदा जयंती समारोह में मुख्यमंत्री भी शामिल होते हैं और कई विकास योजनाओं की सौगात दी जाती है।
आचमन सनातन धर्म की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें पूजा-पाठ या यज्ञ से पहले शुद्धिकरण के लिए मंत्रों के साथ पवित्र जल ग्रहण किया जाता है। माना जाता है कि इससे शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि होती है और व्यक्ति आध्यात्मिक रूप से पूजा के लिए तैयार होता है, लेकिन गंदे नाले का पानी मिलने से अब मां नर्मदा के जल से आचमन करना भी संभव नहीं रह गया है।

