मध्य प्रदेश में नेताओं के बिगड़े बोल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला एक लोक कल्याणकारी शिविर का है, जहां भरे मंच से बीजेपी विधायक ने ऐसा बयान दे दिया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान मंच पर कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी भी मौजूद थे।
वायरल वीडियो डिंडोरी जिले के मेहंदवानी में आयोजित लोक कल्याणकारी शिविर सह रोजगार मेले का बताया जा रहा है। इस कार्यक्रम में शहपुरा से भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने मंच से तहसीलदारों और अधिकारियों को लेकर आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे विवाद खड़ा हो गया।
वीडियो में विधायक यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि अधिकारी अपना काम ठीक से नहीं करते और गैरजरूरी कामों में लगे रहते हैं। बयान देते वक्त उन्होंने मर्यादित भाषा की सारी सीमाएं लांघ दीं। इतना ही नहीं, बयान देने के बाद वे यह कहते भी नजर आए कि अगर कुछ गलत निकल गया हो तो उसे “गोल कर दो”, यानी डिलीट कर दिया जाए।
इस पूरे कार्यक्रम के दौरान मंच पर पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम समेत कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लोक कल्याणकारी शिविर जैसे गंभीर और जनहित से जुड़े मंच से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कितना उचित है।
वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल इस मामले पर किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन इतना तय है कि इस बयान ने कार्यक्रम की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विधायक ओमप्रकाश धुर्वे अपने बयानों को लेकर चर्चा में आए हों। कुछ दिन पहले भी उन्होंने भरे मंच से एक पत्रकार पर तंज कसते हुए कहा था कि हमारे बारे में कुछ अच्छा भी छापा करो। अब एक बार फिर उनका बयान सियासी विवाद का कारण बन गया है।

