इंदौर। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शुक्रवार को पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से उनके निवास पर मिलने पहुंचे। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हो रही मौतों और लगातार सामने आ रही गंभीर शिकायतों के बीच यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है। जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में शुद्ध पेयजल की स्थिति बेहद चिंताजनक है और इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय ठोस समाधान निकालने की जरूरत है, लेकिन सत्ताधारी दल सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप में उलझा हुआ है।
मुलाकात के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और अन्य कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे। बातचीत के बाद मीडिया से बात करते हुए पीसीसी चीफ ने कहा कि एनजीटी की रिपोर्ट सरकार के लिए एक बड़ी चेतावनी है, जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में पानी पीने योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा में हुई मौतें बेहद गंभीर मामला हैं और यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि आम लोगों की जान से जुड़ा सवाल है।
जीतू पटवारी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की प्राथमिकता हर नागरिक तक साफ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने सरकार से दूषित पानी की समस्या पर तुरंत ठोस कार्रवाई करने की मांग की और बताया कि कांग्रेस पूरे प्रदेश में पानी को लेकर सामाजिक ऑडिट कराने जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इंदौर आकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे और हालात का जायजा लेंगे, हालांकि अनुमति न मिलने को लेकर उन्होंने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
वहीं इस मुलाकात पर सुमित्रा महाजन ने कहा कि जीतू पटवारी उनसे पहले भी जनहित के मुद्दों को लेकर मिलते रहे हैं और वह इन विषयों को गंभीरता से उठाते हैं। उन्होंने यह भी माना कि शहर के कई इलाकों में खराब पानी की समस्या है, जिसका समाधान मिलकर निकालना होगा। सुमित्रा महाजन ने सुझाव दिया कि आईआईटी और आईआईएम जैसी संस्थाओं के विशेषज्ञों की मदद लेकर तकनीकी समाधान तैयार किए जाएं और सरकार तक पहुंचाए जाएं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की मजबूत भूमिका जरूरी है और इस तरह के जनहित के मुद्दों को उठाना उसका अधिकार है।

