छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां का पल भर का गुस्सा उसकी ढाई साल की मासूम बेटी की जिंदगी पर भारी पड़ गया। चांद थाना क्षेत्र के ग्राम परसगांव में रहने वाली संगीता चौरिया पर अपनी ही बेटी मंजीता चौरिया की हत्या का आरोप लगा है। 10 जनवरी 2026 को बच्ची की संदिग्ध मौत की सूचना उसके पिता रामदास चौरिया ने पुलिस को दी थी।
शुरुआत में मामला सामान्य लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आते ही सनसनी फैल गई। रिपोर्ट में साफ हुआ कि मासूम की मौत गला घोंटने से हुई है। इसके बाद पुलिस ने जब मां से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस के अनुसार, संगीता ने बताया कि बच्ची के लगातार रोने से वह मानसिक तनाव में थी। उसी आवेश में उसने पहले कान में बांधने वाले कपड़े के रुमाल से बच्ची का गला कसा और फिर हाथों से दबाकर उसकी सांसें थाम दीं। पल भर में ममता हैवानियत में बदल गई और एक मासूम की जिंदगी खत्म हो गई।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जिला जेल छिंदवाड़ा भेज दिया गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
ममता की मिसाल मानी जाने वाली मां आखिर इतनी क्रूर कैसे हो गई, यह सवाल हर किसी के मन में है। यह घटना न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ गई, बल्कि समाज के सामने मानसिक तनाव, पारिवारिक दबाव और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर गई है। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है, लेकिन एक मासूम की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

