चंदौली। चंदौली में नवनिर्मित इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर के उद्घाटन से पहले उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही अधिवक्ताओं ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। यह पूरा विवाद भारत के मुख्य न्यायाधीश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले देखने को मिला, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि उद्घाटन समारोह में उन्हें नजरअंदाज कर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को आगे की पंक्तियों में बैठाया गया। इसी बात को लेकर अधिवक्ता समुदाय में भारी नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर की स्थापना के लिए वर्षों तक संघर्ष उन्होंने किया, लेकिन सम्मान देने के बजाय राजनीतिक नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
नाराज अधिवक्ताओं ने करीब बीस मिनट तक लगातार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। उनका साफ कहना था कि कोर्ट परिसर के लिए लड़ाई लड़ने वाले अधिवक्ताओं को सम्मान मिलना चाहिए था, लेकिन कार्यक्रम में उनकी पूरी तरह से उपेक्षा की गई। हंगामे के चलते कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही।
हालांकि प्रशासनिक अधिकारी और आयोजक हालात संभालने में जुटे रहे। अधिवक्ताओं का विरोध तब तक जारी रहा, जब तक उनकी नाराजगी पर ध्यान नहीं दिया गया। फिलहाल मौके पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन अधिवक्ताओं की नाराजगी साफ तौर पर दिखाई दी।

