जबलपुर। इंदौर में सामने आए दूषित जल कांड के बाद अब जबलपुर में भी पेयजल की गुणवत्ता को लेकर सियासत गरमा गई है। इसी को लेकर नगर निगम कार्यालय के सामने कांग्रेस ने एक दिनी उपवास रखकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना देते हुए नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि जैसे इंदौर में दूषित पानी की सप्लाई से लोगों की सेहत पर संकट खड़ा हुआ, वैसी ही स्थिति अब जबलपुर में भी बनती जा रही है। शहर के कई इलाकों में गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई किया जा रहा है, जिससे आम लोगों में बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम आंख मूंदे बैठा है और जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। धरने के दौरान कांग्रेस ने साफ कर दिया कि यह आंदोलन केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि दूषित पानी की समस्या को लेकर चरणबद्ध तरीके से संघर्ष किया जाएगा। कांग्रेस ने ऐलान किया कि एक सप्ताह तक लगातार नगर निगम के सामने धरना दिया जाएगा, ताकि प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके। इसके बाद मशाल जुलूस निकालकर आम जनता को जागरूक किया जाएगा और शहर के प्रमुख मार्गों पर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक जबलपुरवासियों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक आंदोलन थमेगा नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम ने जल्द पानी की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने दूषित पानी की समस्या को लेकर अपना गुस्सा और आक्रोश खुलकर जाहिर किया।

