पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अब पूरी तरह सियासी रंग में रंग चुका है। तमाम अटकलों के बाद आखिरकार ये साफ हो गया है कि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे। लंबे समय से यह चर्चा थी कि वह राघोपुर से मैदान में उतरकर तेजस्वी यादव को सीधी चुनौती देंगे, लेकिन अब इन सभी अटकलों पर विराम लग गया है।
जन सुराज पार्टी ने राघोपुर सीट से चंचल सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी का सिंबल सौंपा। यानी अब राघोपुर में मुकाबला बेहद दिलचस्प होने जा रहा है — एक तरफ तेजस्वी यादव, और दूसरी तरफ जन सुराज के चंचल सिंह।
तेजस्वी यादव आज यानी 15 अक्टूबर को राघोपुर से नामांकन दाखिल करेंगे। यह उनका इस सीट से तीसरा चुनाव होगा। वहीं उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव भी आज महुआ सीट से नामांकन करने जा रहे हैं, लेकिन इस बार अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल के टिकट पर। महुआ में उनका मुकाबला राजद के मुकेश रोशन से होगा।
राघोपुर की सीट इसलिए भी सुर्खियों में रही है क्योंकि कुछ महीने पहले प्रशांत किशोर ने यहीं से अपने जन संवाद अभियान की शुरुआत की थी। उन्होंने तब दावा किया था कि तेजस्वी को उन्हीं के गढ़ में “अमेठी जैसी हार” देंगे। मगर अब उन्होंने खुद मैदान से हटकर अपने उम्मीदवार चंचल सिंह को आगे किया है, जिससे मुकाबला और भी रोचक बन गया है।
आज बिहार की कई सीटों पर नामांकन दाखिल हो रहे हैं। राघोपुर से तेजस्वी, महुआ से तेजप्रताप के अलावा डिप्टी सीएम विजय सिन्हा लखीसराय से पर्चा दाखिल करेंगे। वहीं दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की चचेरी बहन दिव्या गौतम भी आज नामांकन करेंगी — वो भाकपा-माले के टिकट पर चुनाव मैदान में उतर रही हैं।
बिहार का ये चुनावी समर अब सिर्फ सियासी नहीं, बल्कि पारिवारिक और भावनात्मक समीकरणों से भी भरा हुआ है। तेजस्वी और तेजप्रताप यादव अब अलग रास्तों पर हैं, लेकिन दोनों की सियासी जंग इस बार बिहार के इतिहास में एक नया मोड़ जरूर लाने वाली है।

