भोपाल। स्विट्जरलैंड के दावोस में शुरू हुए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के पहले दिन मध्यप्रदेश ने अपनी वैश्विक निवेश क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने कई देशों और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ अहम बैठकें कीं और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की।
बैठकों में रक्षा तकनीक और जल समाधान के क्षेत्र में मध्यप्रदेश और इजराइल के बीच पायलट प्रोजेक्ट विकसित करने पर सहमति बनी। इजराइल इनोवेशन अथॉरिटी के साथ हुई चर्चा में क्वांटम टेक्नोलॉजी, डिफेंस और वॉटर टेक्नोलॉजी पर विशेष फोकस रहा।
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाते हुए अमारा राजा ग्रुप के साथ ऊर्जा स्टोरेज और बैटरी सॉल्यूशंस को लेकर साझेदारी की मजबूत संभावनाओं पर बातचीत हुई। मुरैना में प्रस्तावित बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इसके अलावा जेनेवा की इम्पैक्ट इन्वेस्टर कंपनी पीस इन्वेस्ट के साथ जलापूर्ति और ग्रीन एनर्जी से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर गहन मंथन हुआ। ऊर्जा से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक, कई देशों और टच लैब जैसी AI कंपनियों के साथ सहयोग को लेकर सकारात्मक संवाद हुआ।
इन बैठकों को मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। राज्य मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश आकर्षित करने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रात दावोस के लिए रवाना होंगे। दावोस पहुंचकर वे मध्यप्रदेश के निवेश और नवाचार एजेंडे पर फोकस करेंगे और निवेश, तकनीक व रोजगार से जुड़े अहम संवादों में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री निवेशकों से सीधे संवाद कर मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा और टेक्नोलॉजी के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत करेंगे।

