भोपाल। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के दूसरे दिन दावोस में मध्यप्रदेश स्टेट लाउंज में निवेश को लेकर अहम मंथन देखने को मिला। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के डिप्टी सीईओ और हेड ऑफ इन्वेस्टमेंट्स तुषार सिंहवी के साथ बैठक कर मध्यप्रदेश में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, इनलैंड कंटेनर डिपो, वेयरहाउसिंग और एकीकृत सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान क्रेसेंट एंटरप्राइजेज ने भारत में अपने कारोबार के विस्तार को लेकर मजबूत इरादे जाहिर किए और लॉजिस्टिक्स आधारित निवेश के लिए मध्यप्रदेश को एक रणनीतिक और संभावनाओं से भरे गंतव्य के रूप में देखा। मंत्री राकेश शुक्ला ने निवेशकों को राज्य की समर्पित लॉजिस्टिक्स और निर्यात नीति की जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में पूंजी निवेश सहायता, आधुनिक अवसंरचना सुविधाएं, स्टांप शुल्क में प्रतिपूर्ति, भूमि आवंटन में सहयोग और हरित लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस दौरान प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि देश के केंद्र में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश को बड़ा भौगोलिक लाभ प्राप्त है। राज्य के हवाई अड्डों के माध्यम से लागत प्रभावी कार्गो हैंडलिंग की सुविधा उपलब्ध है और खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र एवं परिधान और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण जैसे क्षेत्रों में मजबूत औद्योगिक आधार मौजूद है। पर्याप्त भूमि उपलब्धता, भरोसेमंद बिजली और जल आपूर्ति तथा स्थिर श्रम वातावरण राज्य को लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन परियोजनाओं के लिए एक उच्च दक्षता वाला निवेश गंतव्य बनाते हैं।
बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने विशिष्ट परियोजनाओं की पहचान करने और लॉजिस्टिक्स व उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में संभावित निवेश को लेकर आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमति जताई। यह चर्चा मध्यप्रदेश में आधुनिक, टिकाऊ और मजबूत लॉजिस्टिक्स क्षमताओं के विकास के जरिए औद्योगिक विकास और निर्यात को नई गति देने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को साफ तौर पर दर्शाती है।

