भोपाल में 26 टन प्रतिबंधित गोमांस कांड, एसआईटी की एंट्री से मचा हड़कंप, स्लॉटर हाउस कर्मचारी और पैकेजिंग नेटवर्क रडार पर

भोपाल। राजधानी भोपाल में नगर निगम के जिन्सी स्लॉटर हाउस से जुड़े 26 टन प्रतिबंधित गोमांस के हाई प्रोफाइल मामले में अब जांच तेज हो गई है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल यानी एसआईटी ने पूरे मामले की कमान संभाल ली है और शुरुआत से हर कड़ी की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है।

एसआईटी ने अब तक केस डायरी और स्लॉटर हाउस का डीवीआर जब्त कर लिया है, जबकि सीसीटीवी फुटेज को खंगालने का काम लगातार जारी है। जांच एजेंसी स्लॉटर हाउस में काम करने वाले कर्मचारियों, मांस की पैकेजिंग से जुड़े लोगों और ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों को रडार पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। जरूरत पड़ने पर मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा को पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ भी की जा सकती है।

एसआईटी तकनीकी, फॉरेंसिक और दस्तावेजी साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस मामले में और भी नाम सामने आ सकते हैं और आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है।

गौरतलब है कि 8 जनवरी को भोपाल नगर निगम ने जिन्सी स्थित बीएमसी स्लॉटर हाउस को सील कर दिया था। यह कार्रवाई 17 दिसंबर को जब्त की गई मांस की खेप की एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद की गई, जिसमें साफ तौर पर प्रतिबंधित गोमांस की पुष्टि हुई थी। जब्त की गई खेप करीब 26.5 टन की थी, जिसे भैंस का मांस बताकर बाहर भेजने की कोशिश की जा रही थी।

इस मामले में मुख्य आरोपी असलम कुरैशी और कंटेनर चालक शोएब को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, भोपाल नगर निगम के भीतर भी कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है। एक वेटरनरी डॉक्टर सहित 12 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है।

अब एसआईटी स्लॉटर हाउस की पूरी चेन की जांच कर रही है, जिसमें जानवरों की खरीद से लेकर कटिंग, पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन तक हर कड़ी को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह सिर्फ एक स्थानीय मामला नहीं, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांस निर्यात के नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं। भोपाल का यह गोमांस कांड अब राज्य की सबसे बड़ी और संवेदनशील जांचों में शामिल हो चुका है।

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