ग्वालियर। ये कैसी सफाई कि लोगों की जान ही आफत में पड़ जाए। ग्वालियर नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है, जहां सीवर की सफाई के नाम पर सड़क के बीच छोड़ा गया सीवेज हादसों की वजह बन गया। अंधेरे में डूबी सड़क पर आधा दर्जन से ज्यादा बाइक सवार दुर्घटना का शिकार हो गए। घटना से नाराज एक युवक ने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया, जिसके बाद निगम प्रशासन हरकत में आया।
पूरा मामला ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 09 में भद्रकाली मंदिर के सामने का है। रात के अंधेरे में सड़क से गुजर रहे लोगों को जरा भी अंदाजा नहीं था कि सीवर से निकाला गया सीवेज बीच सड़क पर ढेर के रूप में पड़ा है। इसी लापरवाही के चलते वहां से गुजर रहे आधा दर्जन बाइक सवार सीधे सीवेज के ढेर में जा घुसे और हादसों का शिकार हो गए।
इन्हीं हादसों में एक बाइक सवार मोनू राठौर भी घायल हुए, जिनका गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा जब उन्हें यह समझ आया कि यह सब नगर निगम की घोर लापरवाही का नतीजा है। मोनू राठौर ने मौके पर ही अकेले धरना शुरू कर दिया और सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से नगर निगम आयुक्त तक शिकायत पहुंचाई।
शिकायत मिलते ही आनन-फानन में निगम आयुक्त के निर्देश पर अपर आयुक्त प्रदीप तोमर मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठे मोनू राठौर को समझाइश दी। मोनू राठौर ने साफ तौर पर मांग रखी कि बीच सड़क पर सीवेज छोड़कर जाने वाले निगम कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस पर अपर आयुक्त प्रदीप तोमर ने कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि आमतौर पर सीवेज को तब हटाया जाता है जब उसका पानी रिस जाता है, लेकिन जिस तरह से इसे बीच सड़क पर छोड़ा गया, वह साफ तौर पर लापरवाही को दर्शाता है और इसी कारण लोग हादसे का शिकार हुए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

