विदिशा। कांग्रेस संगठन में जोश भरने और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भले ही लगातार मेहनत कर रहे हों, लेकिन पार्टी के भीतर वर्षों से चली आ रही गुटबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर विदिशा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं के बीच छोटी सी बात ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया, जहां जिला अध्यक्ष और महिला नेत्री के बीच तू-तू मैं-मैं हो गई और इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल, विदिशा में सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर कलेक्ट्रेट परिसर में माल्यार्पण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के बैनर और पोस्टर में कई नेताओं की तस्वीरें नहीं होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। माल्यार्पण के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अनुमा आचार्य ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित रघुवंशी के सामने नाराजगी जाहिर की और कहा कि विदिशा में होने वाले कार्यक्रमों में उनकी फोटो नहीं लगाई जाती, जबकि देवास, रायसेन और खातेगांव समेत अन्य संसदीय क्षेत्रों में उनके फोटो नियमित रूप से लगाए जाते हैं।
इस पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने सफाई देते हुए कहा कि यहां केवल राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की तस्वीरें लगाई जाती हैं और इस कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार की फोटो ही लगाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने खुद अपनी फोटो तक हटवा दी है, ताकि किसी तरह का विवाद न हो।
विवाद के बीच अनुमा आचार्य ने पूर्व सांसद प्रताप भानु शर्मा की तस्वीर बैनर में लगे होने की बात कही, जिस पर मोहित रघुवंशी ने साफ किया कि किसी भी पोस्टर में पूर्व सांसद की फोटो नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस की कथित एकजुटता की पोल खोल दी, जहां सुभाष चंद्र बोस जैसे महान नेता की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में महज 13 कांग्रेसी नेता नजर आए, जिन्होंने माल्यार्पण किया और कार्यक्रम खत्म होते ही वहां से चले गए।

