चित्रकूट। जिले से एक दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां कपड़ा व्यापारी अशोक केसरवानी के 13 वर्षीय बेटे आयुष का अपहरण कर आरोपियों ने 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी। जब फिरौती की रकम नहीं मिली तो पड़ोस में रहने वाले कल्लू और इरफान ने मासूम की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शव को बक्से में छिपा दिया। बच्चे का शव मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और गुस्साए परिजन व स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए।
घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की मां ने फूट-फूटकर रोते हुए बताया कि आयुष उनका सबसे छोटा बेटा था और पढ़ाई में बेहद होशियार था। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को वह भैया कहकर बुलाता था, उन्हीं लोगों ने उसके साथ ऐसी हैवानियत कर दी। इस दर्दनाक घटना के बाद व्यापारियों में भी भारी आक्रोश देखने को मिला। उनका कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने सख्त कार्रवाई की होती तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों और व्यापारियों ने साफ कहा कि उन्हें सिर्फ और सिर्फ न्याय चाहिए और दोषियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाना चाहिए।
मामले से आक्रोशित भीड़ ने बच्चे का शव रखकर प्रयागराज-चित्रकूट नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने की कोशिश की गई। इस बीच पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे, लेकिन दिन निकलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किडनैप और मर्डर के मुख्य आरोपी पड़ोसी कल्लू को एनकाउंटर में मार गिराया, जबकि दूसरे आरोपी इरफान को गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि कल्लू और इरफान पहले कारोबारी के यहां किराएदार के रूप में रह चुके थे और मृत बच्चे से उनकी अच्छी पहचान थी। दोनों बहाने से बच्चे को बाइक चलाना सिखाने ले गए और मौका पाकर उसका अपहरण कर लिया। पुलिस का कहना है कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

