शहीद जवान शैलेंद्र भदौरिया को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, गृह ग्राम चितावली में हुआ भावुक अंतिम संस्कार

भिंड। मध्यप्रदेश के भिंड जिले की अटेर विधानसभा के चितावली गांव में शहीद जवान शैलेंद्र सिंह भदौरिया को सेना की टुकड़ी द्वारा सैन्य सम्मान के साथ भावुक विदाई दी गई। जब आज सुबह उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ गांव पहुंचा, तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए गांव-शहर से बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े थे, सभी की आंखें नम थीं।

सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद को अंतिम सलामी दी। 6 साल के मासूम बेटे भावेश ने पिता को मुखाग्नि दी। सेना के अधिकारी और जवानों की टुकड़ी के साथ-साथ जिले के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सैकड़ों ग्रामीण भी शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। पूरा गांव ‘शहीद शैलेंद्र भदौरिया अमर रहें’ के नारों से गूंज उठा।

शैलेंद्र सिंह भदौरिया 22 जनवरी को जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में आतंकवादी विरोधी अभियान के दौरान हुए एक हादसे में शहीद हुए थे। उस समय सैनिकों को ले जा रही गाड़ी गहरी खाई में गिर गई, जिसमें 10 जवान शहीद और 11 घायल हुए थे। शैलेंद्र सिंह 2005 में सेना में भर्ती हुए थे। उनके बड़े भाई सुखदेव सिंह सेना से रिटायर हैं और छोटे भाई हरेंद्र सिंह अभी सेना में तैनात हैं। पिता ने अपने तीनों बेटों को देश की सेवा के लिए सेना में भेजा था, जिनमें से एक ने सर्वोच्च बलिदान दिया।

शहीद के पीछे उनकी दो बेटियां अर्चिता (11 वर्ष) और राधिका (9 वर्ष) और एक बेटा भावेश (6 वर्ष) है। शहीद की पत्नी ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए लोगों से कहा कि अब रोना-धोना बंद करें, कुछ और नहीं होने वाला। उन्होंने पति के बलिदान को गर्व से याद किया, जिसे देखकर सभी की आंखें नम हो गईं।

पूर्व सैनिक संघ के जिला अध्यक्ष राकेश सिंह कुशवाह भी अपने साथ पूर्व सैनिकों के साथ अंतिम संस्कार में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि भिंड चंबल क्षेत्र वीरों की भूमि है और यहां के जवान देश की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। शैलेंद्र के बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

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