दतिया। जिले में पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम अवैध शराब निर्माण के ठिकानों पर कार्रवाई कर रही थी, तभी रविवार को एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। कानून के सख्त पालन के बीच खाकी ने इंसानियत की बेहद संवेदनशील मिसाल पेश की।
दबिश के दौरान दतिया की एसडीओपी आकांक्षा जैन की नजर एक लगभग तीन माह के नवजात पर पड़ी, जो कड़ाके की ठंड में अकेला, भूखा और जोर-जोर से रो रहा था। शिशु की हालत देखकर एसडीओपी एक पल भी नहीं रुकीं, उन्होंने तुरंत बच्चे को अपनी गोद में उठाया और बिना देर किए दूध मंगवाकर खुद उसे पिलाया।
ठंड को देखते हुए नवजात के लिए गर्म कपड़ों की व्यवस्था कराई गई और उसे सुरक्षित तरीके से कपड़ों में लपेटा गया, जिससे बच्चा धीरे-धीरे शांत हो गया। बाद में शिशु को उसकी बड़ी बहन के सुपुर्द किया गया और आवश्यक समझाइश भी दी गई।
एसडीओपी आकांक्षा जैन का यह संवेदनशील और करुणामय व्यवहार न सिर्फ उनकी कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि खाकी सिर्फ कानून की सख्ती नहीं, बल्कि मानवता की सबसे मजबूत ढाल भी है। दतिया पुलिस का यह मानवीय चेहरा समाज के कमजोर और असहाय वर्ग के प्रति भरोसे को और मजबूत करता है।

