खातेगांव। देवास जिले के बागली में अंतर्जातीय प्रेम विवाह को लेकर उपजा विवाद अब राजनीतिक रूप ले चुका है। इस मामले में आदिवासी समाज का गुस्सा सीधे तौर पर क्षेत्रीय भाजपा विधायक मुरली भंवरा के खिलाफ फूट पड़ा है। कोरकू समाज के लोगों ने विधायक पर पक्षपात और समाज की भावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उनका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर विरोध दर्ज कराया।
आदिवासी समाज के लोगों ने बागली थाना चौराहे से अस्थि मटकी आगे रखकर प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा निकाली। यह यात्रा मुख्य मार्गों से होती हुई वापस थाना चौराहे पहुंची, जहां अस्थि मटकी फोड़ी गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बागली विधायक मुर्दाबाद के नारे लगाए और विधायक के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनाव का माहौल भी बन गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अंतर्जातीय प्रेम विवाह के इस मामले में विधायक मुरली भंवरा ने आदिवासी समाज की भावनाओं को गंभीरता से नहीं लिया और न ही कोई ठोस भूमिका निभाई। समाज के लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद विधायक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने या समाज से संवाद करने की कोशिश नहीं की, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया।
गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी मामले को लेकर आदिवासी समाज ने बस स्टैंड मार्ग पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस जांच में युवक और युवती दोनों को बालिग पाया गया और दोनों ने अपनी मर्जी से विवाह करने की बात कही थी। प्रशासन की समझाइश के बाद युवती ने स्वयं नारी निकेतन में रहने का फैसला किया, जिसके बाद हालात कुछ हद तक नियंत्रण में आए।
तहसीलदार नीरज प्रजापति के अनुसार, एसडीएम के निर्देश पर युवती को नारी निकेतन भेजा गया है और फिलहाल वहां रहने की कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। वहीं पुलिस और प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है।
हालांकि प्रशासनिक स्तर पर मामले को शांत करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन विधायक मुरली भंवरा के खिलाफ आदिवासी समाज का यह विरोध प्रदर्शन साफ तौर पर राजनीतिक असंतोष और जनप्रतिनिधि की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता नजर आ रहा है।

