लालू का बड़ा सियासी दांव — तेजप्रताप की साली करिश्मा राय को मिला टिकट, बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, सियासी तापमान भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे और उम्मीदवारों को लेकर जबरदस्त खींचतान के बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने एक ऐसा दांव चला है जिसने पूरे बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने अपने बेटे तेजप्रताप यादव की साली करिश्मा राय को परसा विधानसभा सीट से टिकट देकर सबको चौंका दिया है।

करिश्मा राय, पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय की पोती और पेशे से डेंटिस्ट हैं। वे तेजप्रताप यादव की पत्नी ऐश्वर्या राय की चचेरी बहन हैं। इसके साथ ही लालू ने भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव की पत्नी चंदा देवी को छपरा से मैदान में उतारकर साफ कर दिया है कि इस बार राजद परिवार और लोकप्रिय चेहरों के सहारे सीटें जीतने की रणनीति पर काम कर रहा है।

वहीं दूसरी तरफ मोकामा सीट पर भी सियासत बेहद गर्म हो चुकी है। पूर्व सांसद सूरजभान सिंह ने पशुपति कुमार पारस की पार्टी लोजपा (रामविलास) से इस्तीफा दे दिया है और इसके तुरंत बाद राजद नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात करने पहुंचे। चर्चा है कि राजद मोकामा से सूरजभान की पत्नी वीणा देवी को टिकट दे सकता है। इस सीट पर जेडीयू ने बाहुबली छवि वाले नेता अनंत सिंह को उतारा है, जिससे यहां मुकाबला कांटे का होने जा रहा है।

महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अभी भी रस्साकशी जारी है। कांग्रेस ने हालांकि अपनी तैयारी आगे बढ़ा दी है। बुधवार को पार्टी ने 11 उम्मीदवारों को सिंबल सौंप दिए, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम भी शामिल हैं। कांग्रेस इस बार बिहार में 61 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जिनमें से 28 सीटों पर उम्मीदवारों का चयन हो चुका है। वहीं, विकासशील इंसान पार्टी यानी वीआईपी और राजद के बीच 18 सीटों पर सहमति बन चुकी है।

नामांकन की प्रक्रिया भी अब पूरी रफ्तार में है। पहले चरण के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 17 अक्टूबर तय की गई है। अब तक 249 प्रत्याशी नामांकन कर चुके हैं, जिनमें से अकेले बुधवार को ही 141 उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया। 18 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 20 अक्टूबर को नाम वापस लेने की आखिरी तारीख रखी गई है।

कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करते हुए कई पुराने और नए चेहरों को मौका दिया है। पार्टी ने औरंगाबाद से आनंद शंकर, राजापाकड़ से प्रतिमा दास, बछवाड़ा से शिवप्रकाश गरीबदास, बरबीघा से त्रिशूलधारी सिंह और कुटुंबा से प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को टिकट दिया है। वहीं बेगूसराय से अमिता भूषण और अमरपुर से जितेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है।

कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति इस वक्त बेहद दिलचस्प मोड़ पर है। लालू यादव के सियासी दांव से लेकर कांग्रेस के सिंबल वितरण तक, हर कदम चुनावी समीकरणों को नया मोड़ दे रहा है। आने वाले दिनों में कौन किस सीट से मैदान में उतरता है, यही तय करेगा कि इस बार बिहार की सियासी बाज़ी किसके हाथ लगती है।

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