चित्रकूट/सतना। धर्मनगरी चित्रकूट में सड़क चौड़ीकरण को लेकर चल रहा अभियान उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब प्रशासन ने ऐतिहासिक और प्राचीन गौरीहार मंदिर के हिस्सों को ढहाना शुरू कर दिया।
कार्रवाई के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन ऐन समय पर हाईकोर्ट से स्थगन आदेश मिलने के बाद प्रशासन को बुलडोजर रोकना पड़ा।
सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही गौरीहार मंदिर की बारादरी को हटाने के लिए प्रशासन ने पहले से व्यापक तैयारी की थी।
मौके पर सतना जिले की पांच तहसीलों के एसडीएम, एडिशनल एसपी सतना और कई थानों का भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
कार्रवाई से पहले पूरे मंदिर परिसर की ड्रोन कैमरे से वीडियोग्राफी कराई गई और बारादरी के कमरों में रखा गया सामान सुरक्षित बाहर निकाला गया।
तैयारी पूरी होते ही एक पोकलैंड मशीन और चार जेसीबी मशीनों से मंदिर की बारादरी को तोड़ने का काम शुरू किया गया।
करीब एक घंटे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चलती रही और मंदिर के हिस्से ढहाए जाते रहे।
इसी दौरान हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर जारी होने की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को मिली।
आदेश की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत गौरीहार मंदिर पर चल रही कार्रवाई को रोकने के निर्देश दिए।
इसके बाद प्रशासनिक काफिला गायत्री मंदिर की ओर रवाना हुआ, जहां सड़क चौड़ीकरण के तहत गायत्री मंदिर की बाउंड्री वॉल हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
प्राचीन मंदिर पर हुई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच दिनभर चर्चा होती रही।
फिलहाल हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद गौरीहार मंदिर के शेष हिस्से सुरक्षित हैं, जबकि सड़क चौड़ीकरण का कार्य अन्य क्षेत्रों में लगातार जारी है।

