विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और संविधान की भावना का हवाला देते हुए न्याय और समानता की बात कही है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि हमारा संविधान किसी भी तरह के भेदभाव की इजाजत नहीं देता। उन्होंने कहा कि सच्चा न्याय वही होता है जिसमें किसी के साथ अन्याय न हो और माननीय न्यायालय यही सुनिश्चित करता है। कानून की भाषा भी साफ होनी चाहिए और उसकी नीयत भी, क्योंकि मामला सिर्फ नियमों का नहीं बल्कि सोच का भी होता है।
अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने साफ कहा कि न किसी का उत्पीड़न हो, न किसी के साथ अन्याय, न किसी पर जुल्म-ज्यादती हो और न किसी के साथ नाइंसाफी। उनका कहना था कि समाज में संतुलन और न्याय बनाए रखना सबसे जरूरी है।
गौरतलब है कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार विरोध देखने को मिल रहा था। सवर्ण समाज खुलकर इस मुद्दे पर सामने आया और कई जगह प्रदर्शन हुए। वहीं इस फैसले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर भी असंतोष नजर आया, जहां बीते कुछ दिनों में कुछ पदाधिकारियों ने नाराज होकर अपने पदों से इस्तीफा तक दे दिया।
लगातार बढ़ते विरोध और विवाद को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाई है। अब इस फैसले के बाद आगे की दिशा क्या होगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

