मऊगंज। मध्यप्रदेश के मऊगंज में जमीन विवाद अब रहस्य और आरोपों के ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जिसने प्रशासन से लेकर सियासत तक हलचल मचा दी है। सत्ताधारी दल के विधायक प्रदीप पटेल पिछले 23 दिनों से अज्ञातवास पर हैं और अपनी ही सरकार में खुद को असुरक्षित बता रहे हैं, वहीं अब इस विवाद के दूसरे पक्ष अनिल पांडे उर्फ लल्लू पांडे के लापता होने की खबर ने मामले को और गंभीर बना दिया है। परिजनों का दावा है कि अनिल पांडे पिछले 36 घंटे से गायब हैं और इसके पीछे विधायक प्रदीप पटेल और कांग्रेस नेता विनोद मिश्रा पर दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं।
परिजनों के अनुसार अनिल पांडे रात करीब 9 बजे टहलने के लिए घर से निकले थे, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटे। उनके भाई अनुपेंद्र पांडे ने मऊगंज थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि जमीन विवाद को लेकर चल रहे तनाव के कारण अनिल पांडे मानसिक दबाव में थे और उन्हें किसी अनहोनी की आशंका है। परिवार का कहना है कि इस पूरे विवाद में लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
दरअसल यह विवाद पहले विनोद मिश्रा और लल्लू पांडे के बीच था, लेकिन 4 जनवरी की रात जब विधायक प्रदीप पटेल विवादित जमीन पर धरने पर बैठ गए, तो मामला पूरी तरह पलट गया। उसी रात लल्लू पांडे ने आत्मदाह की कोशिश भी की थी, जिसके बाद से हालात लगातार बिगड़ते चले गए। अब उनके अचानक गायब होने से पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल है।
एक तरफ लल्लू पांडे का परिवार विधायक पर आरोप लगा रहा है, तो दूसरी तरफ विधायक प्रदीप पटेल खुद को खतरे में बता रहे हैं। विधायक का दावा है कि उन्हें और उनके परिवार को ‘मूसा गैंग’ से जान का खतरा है। उनका मोबाइल पिछले 23 दिनों से बंद है, सुरक्षा छोड़ दी गई है और उनके नाती अर्जुन पटेल घर में अंदर से शटर बंद कर रहने को मजबूर हैं।
इस पूरे मामले में मऊगंज पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। एसपी दिलीप सोनी ने साफ कहा है कि जिले में किसी भी तरह के ‘मूसा गैंग’ का कोई अस्तित्व नहीं है। बावजूद इसके एक विधायक का अज्ञातवास और दूसरे पक्ष के व्यक्ति का लापता होना कई सवाल खड़े कर रहा है। आखिर सच्चाई क्या है, कौन किससे डरा हुआ है और जमीन के इस विवाद में अगला मोड़ क्या होगा, इसका जवाब अब पुलिस जांच पर टिका है।

